कोविड-19 की तीसरी लहर के बीच में दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों के साथ अभिभावकों को ज्यादा सजग रहना होगा।

कोविड-19 की तीसरी लहर के बीच में दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों के साथ अभिभावकों को ज्यादा सजग रहना होगा।

डॉ सुदीप दुबे

आज सीआरसी गोरखपुर में ऑनलाइन वेबीनार की ई-परामर्श श्रृंखला 157 का आयोजन किया गया। दृष्टि दिव्यांग बच्चों में तीसरी लहर के बीच में देखभाल विषय पर आयोजित सेमिनार को बतौर मुख्य वक्ता दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज आफ स्पेशल एजुकेशन दिल्ली के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर सुधीर कुमार दुबे ने संबोधित किया।


डॉक्टर दुबे ने कहा कि तीसरी लहर के साथ में दोबारा से दिव्यांग बच्चों क्या आम जनमानस पर भी बाहर निकलने पर पाबंदियां लग गई है। जिसकी वजह से विशेषकर दिव्यांग बच्चे बहुत असहज महसूस कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके अभिभावकों को ज्यादा सजग रहकर बच्चों के लिए नियमित रूप से ओरियंटेशन और मोबिलिटी का क्रियाकलाप करना है जिससे तीसरी लहर के बाद वह पुनः अपनी गतिविधियों में संलग्न हो सके। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के राष्ट्रीय निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के निर्देशन में संपन्न हुआ। सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर श्री रवि कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। सीआरसी गोरखपुर के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री राजेश कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन किरण के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन श्री नागेन्द्र पांडे ने किया तथा प्रश्नोत्तर काल का संचालन अरविंद कुमार पांडे ने किया। पुनर्वास अधिकारी श्री राजेश कुमार यादव ने सब के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

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