डिजिटल सिग्नल क्या है हिंदी में

What is Digital Signal in Hindi

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 Digital Signal (डिजिटल सिग्नल) आधुनिक कंप्यूटर का आधार हैं। आधुनिक युग में कंप्यूटर द्वारा उत्पन्न डेटा डिजिटल होता है। इसलिए उन्हें Digital Signal कहा जाता है, एक Digital Signal में मानों की संख्या सीमित होती है। Digital Signal, इसका एक मान से दूसरे मान में रूपांतरण भी हो सकता है, तत्काल Digital Signal में केवल दो अलग-अलग मान या अवस्थाएँ होती हैं, जिन्हें क्रमशः 0 और 1 से अलग किया जाता है। 

 दोनों स्थितियों को विभिन्न वोल्टेज श्रेणियों द्वारा व्यक्त किया जाता है, डिजिटल सिग्नल (Digital Signal) के संबंध में, हम अक्सर दो शब्दों का उपयोग कर सकते हैं। 

    बिटरेट और बिट अंतराल, एक बिट को भेजने में लगने वाले समय को बिट अंतराल कहा जाता है।

उदाहरण के लिए बताए तो, यदि हम एक सेकंड में 9 बिट डेटा संचारित करते हैं, तो बिट अंतराल 1/9 यानि 0.145 सेकंड का होगा।

डिजिटल सिग्नल के लाभ 

डिजिटल सिस्टम को डिजाइन करना आसान है, क्योंकि स्विचिंग सर्किट का उपयोग किया जाता है जिसमें सिग्नल का वास्तविक मूल्य महत्वपूर्ण नहीं होता है, लेकिन उनकी सीमा (उच्च/निम्न) महत्वपूर्ण होती है। पीपी

डिजिटल फॉर्मेट में सूचनाओं को स्टोर करना आसान होता है। उनके पास उच्च सटीकता है, और स्विचिंग सर्किट की संख्या में वृद्धि करके सटीकता को बढ़ाया जा सकता है।

   ऑपरेशन को कंप्यूटर की सहायता से प्रोग्राम किया जा सकता है। डिजिटल सिस्टम (Digital system) में शोर का असर कम होता है। इंटीग्रेटेड सर्किट पर बनाया जाता है।

संकेतों के डिजिटल संचार में त्रुटियों और कनेक्शन का पता लगाना संभव होता है। इस मामले में संकेतों का डिजिटल संचार अधिक सुरक्षित है।वीवेरी लार्ज-स्केल इंटीग्रेशन तकनीक की मदद से ट्रांसीवर छोटे, हल्के और मोबाइल बन गए हैं। डिजिटल सर्किट अधिक विश्वसनीय होता हैं।

Digital System की कामिया

डिजिटल सिस्टम (DIGTAL SYSTEM) का महत्वपूर्ण दोष यह है होता है की दुनिया में अधिकांश मात्राएं एनालॉग हैं, और उन्हें Digital में परिवर्तित करना आवश्यक है, तभी डिजिटल प्रोसेसिंग संभव है।

एनालॉग सिग्नल क्या है?

एनालॉग सिग्नल एक ऐसा सिग्नल कहा जाता है, जो निरंतर होता है, यानी चिकना होता है, टेलीफोन पर बातचीत में हमारी आवाज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजना एनालॉग सिग्नल के माध्यम से होता है।

साइन वेव भी एक एनालॉग सिग्नल का एक अच्छा उदाहरण है, डेटा संचार, डेटा ट्रांसमिशन और कंप्यूटर नेटवर्क कनेक्शन में एनालॉग सिग्नल का बहुत बड़ा महत्व है।

क्योंकि लंबी दूरी का डेटा एनालॉग सिग्नल से ही ट्रांसमिट हो सकता है।एनालॉग सिग्नल के अनंत मान होते हैं और ये सिग्नल समय के साथ लगातार बदलते रहते हैं। साइन वेव, त्रिकोणीय तरंग आदि एनालॉग सिग्नल के उदाहरण हैं।

एनालॉग सिग्नल बनाम डिजिटल सिग्नल:

आप को बतासे की एनालॉग सिग्नल के कारण पूरी दुनिया में एसी के रूप में बिजली को एक जगह से दूसरी भेजा जा सकता है।

एनालॉग सिग्नलों के कारण, विद्युत चुम्बकीय तरंगों के माध्यम से पूरी पृथ्वी और पृथ्वी के बाहर अर्थात उपग्रह तक सूचना प्रसारित करना संभव था। यह भी आप जाने की मोबाइल केवल एक एनालॉग सिग्नल से जुड़े होते हैं।

डिजिटल (Digital)

सभी कंप्यूटर डिजिटल सिग्नल में काम करते हैं। DIGTAL SINGAL के कारण कम जगह में अधिक जानकारी स्टोर करना संभव होता है। सभी मोबाइल फोन एनालॉग रूप में सिग्नल भेजते हैं, लेकिन और भी कार्य डिजिटल रूप में किए जाते हैं।

डिजिटल क्रांति के बाद, कई उपकरणों का आकार छोटा हो गया है, और वे सस्ते भी हो गए हैं, उदाहरण के लिए, अब हर मोबाइल में एक कैमरा है। पहले टी.वी. बहुत बड़ा और भरा हुआ हुआ करता था, लेकिन आज टीवी पतला और हल्का हो गया।  

सभी कंप्यूटर DIGTAL SINGAL में काम करते हैं। डिजिटल सिग्नल ने कम जगह में अधिक जानकारी को स्टोर करना संभव बना दिया है। (पेन ड्राइव)

सभी मोबाइल फोन एनालॉग रूप में सिग्नल भेजते और प्राप्त करते हैं, लेकिन अन्य सभी काम डिजिटल रूप में किए जाते हैं।

डिजिटल क्रांति के बाद, कई उपकरणों का आकार छोटा हो गया है और वे सस्ते भी हो गए हैं। उदाहरण के लिए अब हर मोबाइल में कैमरे आने लगे हैं। पहले टी.वी. बहुत बड़ा और भरा हुआ हुआ करता था, लेकिन आज टी.वी. पतला और हल्का हो गया है।

डिजिटल सिग्नल का लाभ

महान शोर प्रतिरक्षा डिजिटल सिग्नल पर्यावरण में मौजूद शोर से काफी सुरक्षात्मक होते हैं।कम जगह चाहिए एक डिजिटल चिप में बड़े सर्किट एक छोटी चिप में अवशोषित करता हैं।

कम बैंडविड्थ

DIGTAL SINGAL के लिए बहुत कम बैंडविड्थ की आवश्यकता होती है।

एन्क्रिप्शन संभव है

एन्क्रिप्शन का अर्थ है डेटा को अन्य कोड में क्लाउड करना ताकि जानकारी केवल सही "रिसीवर" तक सके ।

बहुभागी

एक डिजिटल सिस्टम में, एक ही लाइन से मल्टीप्लेक्स द्वारा कई सिग्नल प्रसारित किए जा सकता हैं।

बहुत कम त्रुटि दर

DIGTAL COPY में SINGAL की केवल दो अवस्थाएँ हो सकती हैं। चालू या तो बंद, सिग्नल में त्रुटि की संभावना बहुत कम हो जाती है।

सभी कंप्यूटर डिजिटल सिग्नल में काम करते हैं। डिजिटल सिग्नल ने कम जगह में अधिक जानकारी को स्टोर करना संभव बना दिया है। इस के लिय पेन ड्राइव होता हैं। सभी मोबाइल फोन एनालॉग रूप में सिग्नल भेजते और प्राप्त करते रहते हैं, लेकिन अन्य सभी काम Digtal रूप में किए जाता हैं।

डिजिटल क्रांति के बाद, कई उपकरणों का आकार छोटा हो गया है जिससे सस्ते भी हो गए हैं। उदाहरण के लिए आज टी.वी. पतला और हल्का हो गया है। इस लिय सस्ता हो गया है। 

Digital Signal का लाभ

महान शोर प्रतिरक्षा Digital Signal पर्यावरण में मौजूद शोर से काफी सुरक्षात्मक होते हैं।कम जगह चाहिए एक डिजिटल चिप में बड़े सर्किट एक छोटी चिप में भरा जा सकता हैं।

कम बैंडविड्थ

DIGTAL SINGAL के लिए बहुत कम बैंडविड्थ की आवश्यकता होती है।

एन्क्रिप्शन संभव है। 

एन्क्रिप्शन का अर्थ है यह है की डेटा को अन्य कोड में क्लाउड करना ताकि जानकारी केवल सही "रिसीवर" तक पहुंचे सके।

बहुभागी

एक डिजिटल सिस्टम में, एक ही लाइन से मल्टीप्लेक्स द्वारा कई सिग्नल प्रसारित कर सकते हैं।

बहुत कम त्रुटि दर

डिजिटल कॉपी में सिग्नल की केवल दो अवस्थाएँ हो सकती हैं। चालू या बंद (0 या 1 और उच्च वोल्टेज या कम वोल्टेज) जिससे गलती की काम संभावना होती हैं। 

एनालॉग सिग्नल और डिजिटल सिग्नल की अंतर

एनालॉग संकेत

एनालॉग सिग्नल ( analogue signal ) के आउटपुट वोल्टेज में अनंत मान होते हैं। Analogue Signal निरंतर है।

एनालॉग सिग्नल का स्रोत - सिग्नल जनरेटर, ट्रांसड्यूसर, आदि होते है। एनालॉग सिग्नल के उदाहरण - साइन वेव, त्रिकोणीय तरंग, आदि आते है

डिजिटल सिग्नल

डिजिटल सिग्नल के आउटपुट वोल्टेज में दो स्तर

 1.निम्न 

 2. उच्च 

डिजिटल सिग्नल की प्रकृति 

1. डिजिटल सिग्नल के स्रोत कंप्यूटर, आदि।

 2. डिजिटल सिग्नल के उदाहरण बाइनरी सिग्नल, आदि।

एनालॉग सिस्टम

एनालॉग सिग्नल को प्रोसेस करने वाली प्रणाली को एनालॉग सिस्टम ( analogues system) कहा जाता है।

एनालॉग सिस्टम के उदाहरण

1. फ़िल्टर,

2- एम्पलीफायर,

3- सिग्नल जेनरेटर,

4- बिजली की आपूर्ति।

एनालॉग सिस्टम की सटीकता काम है जिसके कारण यह कम विश्वसनीय होता है।

डिजिटल सिस्टम (DIGITAL SYSTEM)

डिजिटल सिग्नल (DIGITAL SYSTEM) को प्रोसेस करने वाली प्रणाली को डिजिटल सिग्नल (DIGTAL SINGAL कहा जाता है। डिजिटल सिस्टम के इनपुट और आउटपुट सिग्नल (INPUT AND OUTPUT SIGNAL) दोनों डिजिटल होते हैं।

डिजिटल सिस्टम के उदाहरण

1. फ्लिप-फ्लॉप,

2. काउंटर,

3. माइक्रोप्रोसेसर,

4. डिजिटल कैलकुलेटर,

5. कंप्यूटर।

हमे विश्वाश है की आपको यह सूचनात्मक पोस्ट Digital Signal और Digtal और digital analogue क्या है? और डिजिटल बनाम एनालॉग सिग्नल (digital VS analogue signal) और एनालॉग सिग्नल और डिजिटल सिग्नल के बीच अंतर पसंद आया होगा जन कर।

What is Digital Signal? | Digital & Analog Signal | Digital vs Analog signal

Digital signals are the basis of modern computers, as the data generated by a computer is digital. That's why they are called digital computers, the number of values ​​in a digital signal is limited. 

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