बिस्तार से जानें की ISO क्या है और इसका कार्य क्या है | ISO Certificate Kya Hota Hai | ISO Ka Full Form Kya Hai

 

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 iso certificate kya hota hai

नमस्कार दोस्तों आपने निश्चित रूप से किसी कंपनी अथवा कारोबारी को ISO Certification होने का दावा करते सुना या देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते है की iso kya hai? और iso ka matlab kya hota hai? आपको ज्ञात हो की ISO Certification की बहुत सारी विशेषताएं है और कई प्रकार है जो अलग अलग जगहों पर अलग अलग नियमों के तहत काम करती है, इसके बहुत सारे फायदे हैं, जिससे बाजार से सामान की खरीदारी करने वाले ग्राहक को सीधे तौर पर इसका फायदा मिलता है, और आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे की आईएसओ क्या है और इसका कार्य क्या है? आइसो का फुल फॉर्म क्या है? और ISO Certification से सम्बंधित सारी जानकारी आपको इस पोस्ट में मिलेंगी तो आइए जानते हैं ISO Certification in Hindi के बारे में बिस्तृत जानकारी।

आईएसओ क्या है (ISO kya hai) what is ISO in Hindi

iso ka matlab kya hota hai आईएसओ एक पूर्णतया स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसको किसी भी सरकारों के द्वारा चलाया नहीं जाता है, यह वैश्विक बाजारों (global markets) में मिलने वाले सेवाओं, उत्पादों और प्रणालियों की दक्षता, गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित करता है, विश्व की सभी कंपनियों ISO यह लागू होता है, क्योंकि global markets में उत्पादों की गुणवत्ता को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य है, iso ka matlab अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन है। यह एक स्वतंत्र संगठन है, जिसका उद्देश्य व्यवसायों के उत्पादों या सेवा की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावकारिता के संदर्भ में विशेष मानक प्रदान करना है, आईएसओ अंतरराष्ट्रीय मानकों (international standards) के निर्माण और प्रकाशन के लिए जिम्मेदार है, ISO सेवाओं, उत्पादों और प्रणालियों के लिए एक मानक प्रदान करता है, साथ ही आईएसओ के यह मानक ये सुनिश्चित करते हैं कि वे उत्पाद और सेवाएं उपयोग करने के लिए सुरक्षित हैं की नहीं यही कारण है कि इन ISO Certification को पुरे विश्व भर में स्वीकार किया जाता है।

आईएसओ का इतिहास (ISO History In Hindi)

आईएसए राष्ट्रीय मानकीकरण संघों का उत्तराधिकारी है, जो सन 1928 से 1942 तक सक्रिय था, अंतरराष्ट्रीय मानकों पर चर्चा के लिए ISA सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र मानक समन्वय समिति (UNSCC) के साथ मुलाकात की और उन्होंने एक गैर सरकारी संगठन ISO बनाने के लिए मिलकर काम करना शुरू किया, और 23 फरवरी सन 1947 को आईएसओ की स्थापना की गई इसका मुख्यालय (Headquarter) स्विजरलैंड के जेनेवा में है, लंदन में 14 अक्टूबर 1946 में ISO की पहली बैठक हुई थी, अब मानक को ISO 1:2016 के रूप में जाना जाता है, साल 2018 में आईएसओ ने 22,000 से अधिक मानो को प्रकाशित किया था। ISO यह एक तरह का गुणवत्ता मानक प्रमाणपत्र (Quality Standards Certificate) है जो किसी कंपनी, व्यवसाय अथवा उद्दयोग को दिया जाता है, 155 से भी ज्यादा देशों की कम्पनियाँ ISO के सदस्य है, ISO Certificate किसी  कंपनी या व्यवसाय को अपने व्यापार में विश्वसनीयता के साथ व्यापार में जरुरी सुधार के लिए भी काफी सहायता करता है।

कोई भी कंपनी अथवा उद्दयोग किसी भी तरह के उत्पाद (product) बनाती है या उत्पादन करती है तो उसके सामग्री प्रबंधन प्रणाली (Management systems) की जाँच का काम International Organization for Standardization (ISO) करती है, जैसे की, उसके प्रोडक्ट की क्वालिटी, सेवा साथ ही प्रणालियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करना व शुद्धता आदि, जाँच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस कंपनी को अपने उत्पाद और प्रोडक्ट बेचने में बहुत आसानी हो जाती है, ISO का मुख्य उद्देश्य यह है की संबंधित गतिविधियों के विकास के लिए सहयोग देना तथा उनकी वैज्ञानिक, बौद्धिक और आर्थिक गतिविधियों में सहायता करना।

ISO का क्या अर्थ है? (iso ka full form kya hai) what is the full form of iso in Hindi

ISO ग्रीक शब्द Isos से लिया गया है जिसका मतलब बराबर होता है, यदि कोई भी आईएसओ के नाम अथवा इसके Logo का इस्तेमाल बिना अनुमति के करता है तो इसे एक अपराध (Crime) माना जाता है, आइसो का अर्थ हिन्दी में अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन होता है, और इंग्लिश ISO Full Form International Organization For Standardization होता है। 

ISO Certificate क्या है? (iso certificate kya hota hai) What is ISO Certificate in Hindi

अर्थव्यवस्था (Economy) में होने वाले उछाल के साथ, व्यवसायों को प्रतिस्पर्धा की बढ़ी हुई मात्रा का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यदि बाजार में अपनी पकड़ बनाये रहना है तो वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए आईएसओ प्रमाणन एक ब्रांड या व्यवसाय को विश्वसनीयता प्रदान करने में एक कदम आगे जाता है ताकि ग्राहकों द्वारा उस पर भरोसा किया जा सके। दुनिया भर के बाजारों के सामानों की गुणवत्ता को मापने के लिए ISO Certification की शुरुआत की गई थी, इसके आने से वैश्विक बाजारों में गुणवत्ता को बनाए रखने में आसानी होने लगी। ISO Certification यह एक ऐसा प्रमाणपत्र है जो वैश्विक बाजारों (global markets) में पाए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता, प्रणालियों की सुरक्षा, और दक्षता को सुनिश्चित करता है और उसे एक ISO Certification देता है, यह Certification दुनिया के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूद हैं जैसे उत्पादों, सामाजिक कार्य, ऊर्जा प्रबंधन, चिकित्सालय आदि सभी क्षेत्रों में ISO प्रमाण पत्र का होना आवश्यक है, प्रत्येक ISO Certification के अलग-अलग मानक और मापदंड हैं जिनको संख्यात्मक रूप से classified किया जाता है।

आईएसओ प्रमाण पत्र के लिए क्या फ़ीस है (ISO Certificate ki Application Fee kya hai)

आईएसओ Certification की फीस हर संगठन की अलग अलग होती है यह पहले से तय नहीं है, आईएसओ certification agency, ISO Certification cost हर parameters के हिसाब से अलग अलग आँकलन (calculate) होती है| 

यहाँ हम आपको बताते चलें की  ISO प्रमाण पत्र की Applications की फीस पूरी तरह से अपने संगठन (organization) और उसके आकार पर निर्धारित करता है, अगर किसी organization में कम लोग कार्य करते हैं, तो इन सभी चीजों का ध्यान रखते हुये यह ISO certification agency उनसे पैसे लेती है, चलिए थोडा विस्तार से समझते हैं की ISO की ISO fees किस आधार पर निर्धारित की जाती है।

  • organization का आकार के हिसाब से।
  • organization में कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से।
  • organization की प्रक्रिया (process) के हिसाब से।
  • संगठन के कार्य करने की पालियाँ (Working Shifts) की संख्या कार्य करने की पालियाँ के हिसाब से।
  • संगठन के प्रबंधन प्रणाली (Management system) की Complexity के हिसाब से।

 इसके अलावा ISO certification के लिए प्रक्रिया का समय भी हर संगठन/organization के लिए अलग अलग निर्धारित होता है, चलिए इसे भी समझते हैं।

  • छोटे संगठन (small organization) के लिए 6 से 8 महीने
  • मझोले संगठन (medium organization) के लिए 8 से 12 महीने
  • बड़े संगठन(large organizations) के लिए 12 से 15 महीने  

आईएसओ Certifications के प्रकार (Types of ISO Certifications)

एक उद्यमी या उद्यमकर्त्ता को यह जरुर समझना चाहिए कि वह बाजार में किस प्रकार के उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति (supply) कर रहा है, विभिन्न प्रकार के आईएसओ Certifications नीचे सूचीबद्ध किये गए है तो आइये जानते है की आईएसओ मानक (ISO standards) कितने प्रकार के होते हैं?

कितने आईएसओ मानक हैं? How many ISO standards are there

No. ISO Certification ISO Types
1. ओएचएसएएस 18001 (OHSAS 18001) व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (Occupational Health & Safety Management System)
2. आईएसओ 9001:2008 (ISO 9001:2008) गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System)
3. आईएसओ 31000 (ISO 31000) जोखिम प्रबंधन (Risk Management)
4. आईएसओ 37001 (ISO 37001) रिश्वत विरोधी प्रबंधन प्रणाली (Anti-bribery management systems)
5. आईएसओ 28000 (ISO 28000) सुरक्षा प्रबंधन (Security Management)
6. आईएसओ 14001:2015 (ISO 14001:2015) पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली (Environmental Management System)
7. आईएसओ 10002 (ISO 10002) अनुपालन प्रबंधन प्रणाली (Compliant Management System)
8. आईएसओ 26000 (ISO 26000) सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility)
9. आईएसओ 27001 (ISO 27001) सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (Information Security Management System)
10. एसओ 13485 (SO 13485) चिकित्सा उपकरण (Medical devices)
11. ईएनएमएस ईएन 16001 आईएसओ 50001 (EnMS EN 16001 ISO 50001 ऊर्जा प्रबंधन (Energy Management)
12. आईएसओ 22008 (ISO 22008) खाद्य सुरक्षा प्रबंधन (Food Safety Management)
13. एसओ/आईईसी 17025 (SO/IEC 17025) परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशालाएं (Testing and calibration laboratories)
14. एसए 8000 (SA 8000) सामाजिक जवाबदेही (Social accountability)
15. SO/आईईसी 27001 (SO/IEC 27001) सूचना सुरक्षा प्रबंधन (Information security management)
16. आईएसओ 20121 (ISO 20121) सतत कार्यक्रम (Sustainable events)
17. आईएसओ 4217 (ISO 4217) मुद्रा कोड (Currency codes)
18. आईएसओ 639 (ISO 639) भाषा कोड (Language codes)
19. आईएसओ 3166 (ISO 3166) देश कोड (Country codes)
20. आईएसओ 8601 (ISO 8601) दिनांक और समय प्रारूप (Date and time format)

आईएसओ का क्या कार्य होता है (ISO Ke Karya)

ISO का मुख्य कार्य यह होता है की किसी भी कंपनी अथवा या फिर कोई संस्था जो भी उत्पाद/प्रोडक्ट बेचती है उनकी क्वालिटी (quality), सेवा की गुणवत्ता, ग्राहकों का समाधान (customer solution), मैनेजमेंट सिस्टम,  शुद्धता और सुरक्षा की जाँच करना और जाँच करने के बाद यह पता यह निर्धारित करना  की वह कंपनी या उद्दोग सही तरीके से चल रहा है या नहीं, सब कुछ सही होने पर आईएसओ के द्वारा उस कंपनी को आईएसओ प्रमाणपत्र (ISO Certificate) दे दिया जाता है, 
ताकि वह अपने उत्पाद को Market में आसानी से बेच पाए और इस ISO Certificate से ये भी तय हो जाता है की, वो कंपनी की जो भी प्रोडक्ट बनायी है उससे किसी भी ग्राहक को कोई नुकसान नही पहुंचेगा क्योंकि ISO का काम Service और Products की बाजार में विश्वसनीयता को बढ़ाना होता है, आईएसओ का काम सभी तरह के उत्पादों को लोगों के बीच प्रसिद्धि और Attraction को बढ़ाना होता है, पहले Company या organization को ISO के द्वारा 9001:2008 यह Certificate प्रदान जाता था लेकिन अब ISO 9001:2015 यह सर्टिफ़िकेट दिया जाता है। 

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आईएसओ 9000 क्या है (what is ISO 9000)

विश्व भर में एक million से ज्यादा organization या संस्थाए स्वतंत्र रूप से प्रमाणित (certified) हैं, ISO 9001 यह आज दुनिया में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले प्रबंधन उपकरणों (management tools) में से एक है, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली/quality management systems(QMS) का iso 9000 परिवार standards का एक group है,

ISO 9000 का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि ग्राहक को लगातार, अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद और सेवाएं मिलती हैं, जो बदले में कई व्यावसायिक फायदा देती हैं, यह मानक नियंत्रित करना होता है की कैसे एक कारोबार या संघ Customer की आवश्कता को पूरा करता है तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं को भी पूरा करता है 2010 में शुरू होने वाले ISO 9000 में 25 रिकॉर्ड हैं, निरीक्षण की स्थिति में, संदर्भ संपत्ति में रखा जाता है और ये रिकॉर्ड वितरण केंद्रों पर stock review से लेकर यांत्रिक उत्पादन प्रणाली पद्धति (Mechanical Production System Method) को भेजने और प्राप्त करने तथा ग्राहक लाभ तक, सब कुछ सुधारने के लिए एक आधार देने के लिए हैं।

ISO 9001 क्या है (What is ISO 9001 In Hindi)

आईएसओ 9001 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (QMS) का एक विश्व स्वीकृत रूप है जो customers की आवश्यकताओं, अपेक्षाओं और नियामक जरुरतों को पूरा करके ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने की परिकल्पना करता है, यह संगठन के संगठनात्मक ढांचे से लेकर उसके customers के संतुष्टि तक, इकट्ठा किये डेटा के विश्लेषण से लेकर प्रक्रियाओं के प्रभावी प्रबंधन तक, आंतरिक ऑडिट (internal audit) से लेकर प्रोडक्ट डिजाइन तक, खरीद से लेकर बिक्री तक की कई बिंदुओं में Quality Management System की शर्तों को निर्धारित करता है, आईएसओ 9001 मानक मुख्य रूप से एक नियंत्रण तंत्र है, इस Standard का उद्देश्य त्रुटियों और दोषों को कम करना होता है, मानक सीधे प्रोडक्ट और सेवा की Quality से संबंधित नहीं है। 

बल्कि management system की गुणवत्ता से संबंधित होता है, मूल धारणा यह है कि अगर एक प्रभावशाली गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली स्थापित और कार्यान्वित की जाती है, तो customers की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं का उत्पादन किया जाएगा। आईएसओ 9001 Standard चुनौतीपूर्ण नहीं है और इसमें सामान्य जरूरतें हैं, इसे बड़े अथवा छोटे स्तर की परवाह किए बिना किसी भी क्षेत्र में लागू किया जा सकता है, यह एक मजबूत Quality Management का प्रतिनिधित्व करता है। 

यह सही तरीके से समझा और लागू किया जाता है। ISO 9001 Standard ने गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (QMS) की स्थापना के लिए इसे पूरी तरह से organizations पर छोड़ दिया है, ISO 9001 वह मानक है जो उन शर्तों की Explanation करता है जो गुणवत्ता प्रबंधन नेटवर्क के निर्माण के समय सक्रिय होनी चाहिए और प्रमाणीकरण (certification) के लिए आधार का गठन करती हैं, हालाँकि, अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन (ISO) द्वारा घोषित guide Standard भी हैं, ISO 9001 और दिशानिर्देश मानक (guideline standard) को ISO 9000 श्रृंखला के रूप में Nominated किया गया है।

ISO 9001 क्यों महत्वपूर्ण है (Why is ISO 9001 important?)

आईएसओ 9001 इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक व्यावहारिक गुणवत्ता प्रबंधन (practical quality management) प्रणाली प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करता है, साथ ही यह quality management system business के सभी क्षेत्रों में सुधार, निगरानी के साथ एक प्रभावी और मजबूत ISO 9001 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली या Quality Management System (QMS) को लागू करने के लिए है।

यह गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली Business के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और दक्षता में सुधार लाने में मदद करता है।

ISO 9001 का क्या वैल्यू है

आईएसओ 9001 Certification इसमें समय और प्रयास लगाने के लायक है क्योंकि ISO 9001 न केवल संगठन को अधिक कुशल और गुणवत्ता संचालित बनाता है बल्कि कर्मचारियों और ग्राहकों को भी सकारात्मक अंतर दिखाई देता है।

ISO 9000 और ISO 9001 एक दुसरे से कैसे भिन्न हैं

आईएसओ 9001 और आईएसओ 9000 के बीच का अंतर सिर्फ यह है कि ISO 9000 Quality Management System (QMS) की एक श्रृंखला है वहीँ दूसरी ओर आईएसओ 9001 श्रृंखला के भीतर एक मानक होता है ISO 9000 परिवार या मानकों की श्रृंखला में ISO 9000 के नाम से एक व्यक्तिगत मानक शामिल होता है।

ISO की मुख्य भाषाएं क्या है (What are the main languages of ISO)

ISO की मुख्य भाषाएं हैं।

  • फ्रेंच, 
  • अंग्रेजी
  • रशियन

आईएसओ के फायदे (Benefits of ISO in Hindi)

अंतरराष्ट्रीय मानक (International Standard) का अर्थ होता है consumer को यह विश्वास कराना है कि उनके प्रोडक्ट भरोसेमंद है तथा high quality के हैं, ISO Certification के निम्नलिखित लाभ हैं क्योंकि आप customers को आश्वस्त कर सकते हैं कि आपका Business highest quality standards का पालन करता है।

  • ISO Certificate से global markets तक पहुंच बनती है।
  • ISO Certificate जिस कंपनी को मिलता है उस कंपनी का प्रोडक्ट Market में विश्वसनीयता प्राप्त करता है जिससे उस कंपनी की Reliability में भी बढ़ोतरी होती है।
  • किसी भी उत्पाद को international स्तर पर मान्यता प्रदान करना।
  • आईएसओ वाले प्रोडक्ट को लेकर Customer का भरोसा बढ़ता है साथ ही नए ग्राहक भी Attracted होते हैं।
  • ISO Certificate से ग्राहकों को अच्छे और खराब गुणवत्ता के वस्तुओं में फर्क पता चलता है।
  • ISO से आपकी कंपनी की धारणा लोगों में बेहतर होती है।
  • आईएसओ से employees की भागीदारी में सुधार हुआ है।
  • इससे ग्राहक अपने लिए शुद्ध और उपयुक्त प्रोडक्ट खरीद पाते हैं।
  • ISO से कंपनी की प्रोडक्ट और कीमत में सुधार होता है।
  • इसके जरिए बिजनेस में पारदर्शिता तथा शुद्धता में इजाफ़ा होती है।
  • international standards का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
  • किसी भी सरकारी टेंडर (public tender) की बोली के लिए ISO Certificate का होना आवश्यक होता है। ऐसे में जो आईएसओ रजिस्टर्ड कंपनियां है वही इसमें बोली लगा सकती हैं।
  • आपके द्वारा चुनी गई सभी Procedures का मूल्यांकन, मानकीकृत और कमियों को समझाया जाता है।
  • इससे नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित (trained) करना सुलभ हो जाता है ।
  • इसके जरिये समस्याओं का तेज गति से पता लगाया जा सकता है और उनका निवारण किया जाता है।
  • इससे customers की संतुष्टि में सुधार हुआ है।

Conclusion

तो दोस्तों आज के इस पोस्ट में हमने आपको आईएसओ क्या है और इसका कार्य क्या है? iso ka matlab kya hota hai,iso certificate kya hota hai के बारे में बिस्तार से जानकारी दी और मुझे उम्मीद है की यह पोस्ट पढ़कर आप समझ गए होंगे की आईएसओ Certifications कितने प्रकार के होते हैं, ISO Certificate ki Application Fee kya hai, iso ka full form kya hai 

अगर आपके मन में इस पोस्ट से सम्बंधित कोई भी सवाल हैं तो आप कमेन्ट के जरिये हमसे पूछ सकते है 
www.expressmorning.online पर विजित करने के लिए आपका धन्यवाद.. जय हिन्द 

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